खाकी पर आई आॅच तो जाग उठा खाकी का स्वाभिमान


Dhananjay Singh | 07 Jul 2020 | 1042

धनंजय सिंह 

 जाके पाँव न फटे बेवाई, सो का जाने पीर पराई 
ये कहावत उस वक्त चरितार्थ होती है। जब बात खुद पर आती है तो दर्द होने का जबरदस्त एहसास होता है। उत्तर प्रदेश के कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू में भी 2 जुलाई को दबिश देने गई तीन थाने की पुलिस टीम के साथ वही हुआ तो अब पुलिस प्रशासन सहित उत्तर प्रदेश की कुम्भकर्णी नींद खुली।विकास दुबे और उसकी पूरी टीम को पुलिस नेस्तनांबूत करने के लिए कमर कसी है ! काश ऐसे आम आदमी के साथ घटना घटने पर भी चेतते तो आज ये हाल न होता।

  पुलिस प्रशासन को ध्यान देना चाहिए जो 1 दिन खीरा चुराता है वही आगे चलकर हीरा चुराता है।

हिंदुस्तान का अजीब सिस्टम है। पहले अपराधी को अपराध और अवैध काम करने की खुली छूट दी जाती है, फिर उस अपराधी पर अवैध काम करने पर पुलिसिया कार्रवाही करना, सिस्टम की परत दर परत पोल खोल कर रख देता है। देश में सिस्टम में बैठे लोग पहले गलत काम अपने संरक्षण में करवाते हैं और मामला जब सर के ऊपर पहुँच जाता है तो उसे दबोचने का दिखावी ढोंग करते हैं। एक अपराधी इतनी जल्दी कैसे और किस फार्मूले से इतना बड़ा आदमी बन जाता है ? जाहिर सी बात है कि वो सीधे रस्ते से नम्बर एक का काम करके बड़ा आदमी नहीं बन सकता।  

पुलिसकर्मियो का हत्यारा दुर्दांत अपराधी विकास दुबे का घर और गाड़ियां तोड़े जाने से कांग्रेस ज्वालामुखी की तरह क्रोध से उबल गई है। कांग्रेसी नेता और देश के पूर्व कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने कानपुर नरसंहार के मुख्य अपराधी हत्यारे विकास दुबे का खुलकर समर्थन करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाद पर तीखा हमला बोला और मुख्यमंत्री से पूछा है कि किस कानून के तहत विकास दुबे का घर और गाड़ियां तोड़ी गई हैं ? सलमान खुर्शीद ने कहा है कि पुलिस की यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था के ध्वस्त होने का सबूत है।  
इधर कानपुर एनकाउंटर का मास्टरमाइंड विकास दुबे के भाई दीप प्रकाश दुबे की पत्नी अंजली दुबे का एक बड़ा बयान सामने आया है। अंजली दुबे ने कहा है कि लखनऊ के जिस मकान को पुलिस ने सील किया है, वो मकान उनका है और इस मकान से विकास दुबे का कोई संबंध नहीं है। साथ ही विकास की मां ने मीडिया से बात की है। विकास की मां ने कहा है कि मकान अवैध नहीं है, फिर भी मकान के कागज पुलिस ले गयी है। दरअसल, लखनऊ में विकास दुबे के घर के साथ-साथ उसके भाई के घर की भी जांच करने में एलडीए की टीम जुटी थी।
कानपुर में दुर्दांत अपराधी विकास दुबे का किलानुमा मकान जमीदोज करने के बाद अब पुलिस मकान के मलबे में सुराग तलाशती दिखाई दे रही है। पुलिस को आशंका है कि 2 जुलाई की रात घटना को अंजाम देने के बाद विकास अपने गुर्गों के साथ मकान के बाई तरफ बंकरनुमा ढांचे भागा होगा। इस मकान का हर कमरा एक-दूसरे से इंटरकनेक्ट है तो कमरे से छत पर जाने और बाहर भागने के लिए एक सुरंगनुमा रास्ते का इस्तेमाल होता था। बड़ा सवाल उठता है कि पुलिस टीम बिना होम वर्क किए ही दुर्दांत अपराधी विकास दुबे के घर पहुँच गई थी ! यदि विकास दुबे इतना बड़ा दुर्दांत अपराधी है कि उसके खिलाफ 150से अधिक मामले अलग-अलग थानों में दर्ज हैं और उसका इतिहास रहा है कि वह इतना हथछुट है कि थाने के अंदर घुसकर दरोगा को भी मारा और दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री की हत्या कर दी थी।

जांच में जुटी पुलिस को जांच में ये भी पता चला है कि जिस वक्त यूपी पुलिस के जवान विकास के घर दबिश देने पहुंचे थे, उस दौरान जानबूझ कर पूरे गांव की बिजली काट दी गई थी, जिससे अंधेरे का फायदा उठाकर दुर्दांत अपराधी विकास दुबे ने इस खूनी खेल को अंजाम दिया और 8 पुलिसवालों की हत्या कर फरार हो गया। अब पुलिस बिजली विभाग के कर्मचारियों से भी पूछताछ कर रही है। वहीं बिजली के कर्मचारियों का कहना है कि उसे थाने से फोन कर कहा गया कि बिकरू गाँव की सप्लाई काट दो ! यानि विकास दुबे का इतना आतंक कि उसके नाम से लोग सिहर जाते हैं। गाँव में किसे कोटा संचालित करना है वो विकास दुबे ही तय करता है। ठेका पट्टा के आवंटन में भी विकास दुबे दखल दिया करता है और बदले में धन कमाता है। तभी तो विकास दुबे जरायम की दुनिया में इतने कम समय में अकूत सम्पत्ति बना ली।।



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