शहीद संतोष बाबू की पत्नी हुई भावुक,प्रधानमंत्री से कहा-पति का बलिदान व्यर्थ नही जाना चाहिए


Dhananjay Singh | 03 Jul 2020 | 954

लद्दाख सीमा पर कर्नल संतोष बाबू की शहादत के बाद समूचे देश में आक्रोश था। हर हिंदुस्तानी चीन को सबक सिखाना चाहता था। लद्दाख के गलवां घाटी में 15 जून को हुए खूनी संघर्ष में भारतीय सेना ने अपने कमांडिंग ऑफिसर समेत 20 जवानों को खो दिया था, अब जवानों का हौसला बढ़ाने के लिए शुक्रवार सुबह पीएम मोदी अचानक लेह जाकर सेना के साथ खड़े हो गए। हमें हर हाल में जीत कर ही आना है प्रधानमंत्री के इस दौरे के बाद न सिर्फ भारतीय सैनिकों का मनोबल बढ़ेगा बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चीन तक भी कड़ा संदेश पहुंचेगा। पीएम के इस दौरे पर शहीद कर्नल संतोष बाबू की पत्नी ने अपनी प्रतिक्रिया दी। एक समाचार चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा कि उनके पति का बलिदान व्यर्थ नहीं जाना चाहिए। मोदीजी के जाने से सेना को बल मिलेगा। भारतीय जवान वीर-बहादुर हैं। हमें हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। मैं मोदीजी को कहना चाहूंगी कि हमें हर हाल में जीत कर ही आना है। 15 जून को श्योक और गलवां नदी के संगम स्थल के पास 3 इंफेंट्री डिवीजन कमांडर और अन्य अफसर मौजूद थे। दोनों देशों में बातचीत चल रही थी। 16 बिहार रेजिमेंट से कहा गया कि वह सुनिश्चित करें कि समझौते के तहत चीन के सैनिक अपनी पोस्ट हटा लें। इसके लिए चीन की ऑब्जरवेशन पोस्ट पर जाकर भारतीय सैनिकों ने तंबू हटाने को कहा। उस समय चीन के दर्जन भर सैनिक मौजूद थे। चीनी सैनिकों ने पोस्ट हटाने से इनकार कर दिया। बिहार रेजिमेंट की टुकड़ी लौट आई। इसके बाद कर्नल संतोष बाबू के नेतृत्व में 50 सैनिकों की टुकड़ी मौके पर पहुंची और पोस्ट हटाने की बात दोहराई, लेकिन तब तक चीन के लगभग 350 सैनिक हथियारों से लैस होकर हमले की तैयार कर चुके थे। बिहार रेजिमेंट के जवानों के पहुंचते ही पहाड़ से पत्थर और सामने से चीनी सैनिकों ने कंटीले तार और कील लगे डंडों और रॉड से हमला कर दिया। तीन घंटे चली थी हिंसक झड़प पहला वार हवलदार पलनी पर हुआ। कर्नल संतोष बाबू भी प्रहार से गिर पड़े। इतने में करीब 50 और भारतीय सैनिकों ने मौके पर पहुंचकर चीनी सैनिकों पर जबरदस्त जवाबी हमला किया। इस दौरान बड़ी तादाद में चीनी सैनिक लहूलुहान होकर नीचे गिर चुके थे। इनमें से कई की मौत हो चुकी थी। बिहार रेजिमेंट की टुकड़ी ने चीन के तंबू उखाड़ कर पोस्ट ध्वस्त कर दी। इसके बाद दोनों तरफ के सीनियर अफसरों में बातचीत चली। सैन्य सूत्रों के अनुसार 16 जून की सुबह चीनी सैनिकों के शव और घायल सैनिकों को भारतीय सेना की ओर से लौटाया गया। अचानक लेह पहुंचे पीएम मोदी बॉर्डर पर भारत और चीन की तनातनी के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार सुबह देश को चौंका दिया। भारतीय जवानों का हौसला बढ़ाने और ग्राउंड जीरो में हालात समझने के लिए सीडीएस बिपिन रावत और सेना प्रमुख नरवणे भी मौजूद रहे। 11000 फीट की ऊंचाई पर आर्मी, एयरफोर्स और आईटीबीपी के जवानों से मुलाकात के दौरान मोदी ने साफ कर दिया कि पूरा देश, सेना के साथ खड़ा है।



अन्य ख़बरें

Beautiful cake stands from Ellementry

Ellementry

© Copyright 2019 | Pratapgarh Express. All rights reserved