गैंगरेप पीड़िता ने कार्रवाई न होने से की खुदखुशी


Source PBH | 08 Jan 2020 | 418

 बाराबंकी – एक तरफ जहाँ 2012 में हुए निर्भया कांड में 7 साल बाद सुप्रीम कोर्ट ने कल मंगलवार को 4 आरोपियों पर डेथ वारंट जारी किया हैं तो वही उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार की तरफ से कानून में सख्ती दिखाने के बाद भी रेप जैसी घटनाए थमने का नाम नहीं ले रही हैं। यूपी के बाराबंकी में हुए गैंगरेप की पीड़िता ने आरोपी पर कार्रवाई न होने पर खुद को फांसी लगाकर खुदखुशी कर ली हैं।वही बताया जाता है कि जहांगीराबाद के एक गांव की रहने वाली एलएलबी छात्रा ने लेखपाल समेत दो लोगों पर गैंगरेप का आरोप लगाया था। जबकि इस मामले में पुलिस ने 2 सितंबर को केस दर्ज किया गया था, लेकिन अभी तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। जिससे परेशान होकर दुष्कर्म पीड़िता ने फांसी लगाकर जान दे दी।इस घटना के बाद एसपी आकाश तोमर ने जांच के आदेश दिए हैं। जानकारी के अनुसार, 22 साल की एलएलबी छात्रा जहांगीराबाद में अपने मौसी के घर पर रहकर पढ़ाई कर रही थी।बुधवार सुबह जब घरवालों ने उसे जगाने के लिए दरवाजा खटखटाया तो अंदर से कोई जवाब नहीं मिला जब घर वालों ने किसी तरह दरवाजा खोला तो उन्होंने युवती का शव फंदे से लटका पाया।उसने दुपट्टे को फंदा बनाकर फांसी लगा ली थी। वही युवती के कमरे से पुलिस ने मोबाइल फोन बरामद किया हैं. साथ ही पुलिस ने परिजनों की गुहार से शिकायत दर्ज कर आगे की कार्यवाही शुरू कर दी हैं।जबकि पिछले महीने उन्नाव में भी एक 23 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता ने एसपी कार्यालय के बाहर खुद को आग लगा ली थी जिसके बाद इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई थी बताया जाता है कि महिला ने कथित तौर पर आरोप लगाया था कि पुलिस उसकी शिकायत पर दुष्कर्म के आरोपी अवधेश सिंह के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही हैं. लेकिन किसी ने उसकी बात पर गौर नहीं किया और अनसुनी करते रहे, जिससे परेशान आकर युवती ने खुदखुशी कर जान दे दी। अगर पुलिस इसी तरह ऐसे ही मामले में लापरवाही दिखाएगी और ऐसा ही चलता रहा तो कैसे इस देश की बेटियां खुद को सुरक्षित महसूस करेंगी. पुलिस और प्रशासन दावे तो बहुत करती है, लेकिन सब नाकाम हो जाते हैं।



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