कोरोना माता का मंदिर लोगों ने बनवाया,प्रशासन ने हटवा कर थाने में जमा कराई मूर्ति


Dhananjay Singh | 12 Jun 2021 | 7

उत्तर प्रदेश के बड़के जिले प्रतापगढ़ में बड़े बड़े कारनामें होते हैं।कभी दुल्हन विदाई से पहले प्रेमी के साथ फुर्र हो जाती है,तो कभी दुल्हन ठाय ठाय करती है,तो कभी शादी में युवक ठाय ठाय करते है।इस जिले से अजीबो गरीब मामले सामने आते है।ऐसा ही एक मामला सामने आया है जहाँ एक गांव में कोरोना माता का मंदिर बनवाने का हैं। जिला प्रशासन द्वारा मंदिर को हटवा दिया गया है।पुलिस ने एक व्यक्ति को हिरासत में भी लिया है।पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक सांगीपुर थाना क्षेत्र के शुकुलपुर जूही गांव में कोरोना से तीन लोगों की संदिग्ध मौत हो गई थी।इसके बाद गांव के लोगों में दहशत फैल गई।गांव के लोकेश श्रीवास्तव ने सात जून को कोरोना माता का मंदिर बनवाने का निर्णय लिया।लोकेश ने आर्डर देकर मूर्ति बनवाई।मूर्ति को गांव में एक चबूतरे के पास नीम के पेड़ के बगल रखा गया। गांव के लोग अंधविश्वास में आकर पूजा पाठ करने लगे थे। जिला प्रशासन को जब इसकी जानकारी हुई तो सांसे थम गई और हाथ पांव फूल गए। मामला अंधविश्वास जुड़ा होने की वजह से पुलिस ने इसे गिराने का निर्णय लिया।सांगीपुर थाना प्रभारी भारी बुलिस बल के साथ शुक्रवार की रात जेसीबी लेकर दनदनाते हुए जूही गांव पहुंचे और कोरोना माता की मूर्ति व मंदिर समेत बोर्ड को धराशायी करवा दिया। मंदिर से निकला सारा मलबा गांव से 5 किलो मीटर दूर फेंकवा दिया। पुलिस ने मंदिर स्थापित करने वाले आरोपी के एक भाई को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। मंदिर धराशायी होने का लोगों में चर्चा बन गया हैं। आपको बताते चले कि मंदिर में कोरोना देवी की मूर्ति को गया गया था और इसके बाद पूजा-पाठ शुरू हो गया था। मंदिर सिर्फ पूजा करने के लिए ही नहीं है, बल्कि कोविड-19 गाइडलाइन के पालन करने का संदेश भी दे रहा था। एक व्यक्ति ने बताया कि लोगों ने सामूहिक रूप से इस विश्वास के साथ मंदिर की स्थापना की है कि और देवता की पूजा करने से निश्चित रूप से लोगों को कोरोना वायरस से राहत मिलेगी।



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