ठीक नही फुदकना:कृष्णेन्द्र राय


Source PBH | 05 Jun 2021 | 31

सबकी अपनी सीमा।

 और होती हद।। 

ठीक नहीं प्रदर्शन। 

बढ़ा हुआ कद।। 

लांघ कर मर्यादा। 

है होता नुकसान।। 

किया कितना न्याय।

 मिली जो कमान।।

 सबका मालिक एक है। 

नाम संविधान।।

 ठीक नहीं फुदकना।

 है देना सम्मान।। 

बढ़ती है प्रतिष्ठा। 

हो घुल-मिल यदि काम।। 

जाती बात दूर-दूर। 

है पहुंचे पैग़ाम।।



अन्य ख़बरें

Beautiful cake stands from Ellementry

Ellementry

© Copyright 2019 | Pratapgarh Express. All rights reserved