यमराज ने कोरोना को दिया ठेका


Dhananjay Singh | 28 May 2021 | 30

जिधर देखो उधर ही मौत ने अपना तांडव जबरदस्त तरीके से मचाया।मौतों से डरता कौन हैं।हमारा सनातन भरोसा रहा है कि जो इस दुनिया में जो जन्म लिया उसको एक दिन इस दुनिया से जाना भी हैं,लेकिन ये हो क्या रहा हैं। मौते तो पहले भी होती थी लेकिन अब तो हर देश में मौतों की झड़ी लगी है जैसे सावन में बारिश की झड़ी लगती हैं। पहले जीवन और मृत्यु का एक अनुपात हुआ करता था,लेकिन अब तो दोनों का ही काम एक अनुपात में चल रहा हैं। आपूर्ति और मांग का जो संतुलन होना चाहिए अब पूरी तरह से बिगड़ कर गिर चुका हैं।अब समझ मे नही आ रहा है सामान्य रूप से होने वाली मौतों और आकस्मिक दुर्घटनाओं से भी यमराज का कोटा क्यो पूरा नही हो रहा हैं,यमराज भी ठान कर बैठ गये है और इनके पास कोई और दूसरा काम नही बचा हैं।यमराज के दूतों की फौज भी अपने दायित्व से मुक्ति पा चुकी हैं।ये भी हो सकता है कि यमदूत भी धरती से लेकर आसमान तक की लंबी जर्नी कर थक गये हैं।जैसे लगता है कि यमदूत किसी नई नौकरी या प्रमोशन पाने के लिए धरना प्रदर्शन पर चले गये हैं।कही न कही दाल तो काली है,नही तो यमराज कोरोना को मौतों का ठेका बिलकुल न देते।कोरोना जिस तरह से लोगों को उठा उठा कर ले गया उससे तो यही लगता है कि यमराज ने बोल दिया हो कि कोरोना भाई तुम ये काम जोर शोर से करो और यमदूतों को भी पता चले कि उनके बिना पहले से अच्छा काम हो सकता हैं।ये यमदूत औरत हो चाहे मर्द हो या बच्चे हो कोई भी हो सभी को बिना हिचके उठा लाते हैं।यमलोक में एंट्री करते ही यमराज भी आगंतुक जीवों से उनके पाप पुण्य की बातों को छोड़ कर शायद एक ही सवाल पूछते हैं कि क्या तुमने मास्क लगया था,क्या संक्रमण होते ही डाॅकटर को दिखाया था,घर पर क्वारंटीन हुआ था,जब कोई न में उत्तर देता है तो यमराज भी बिना शक-ओ-सुबह के उसे यमलोक जगह देकर चैन की लंबी लंबी सांसे लेते हैं और कहते है कि कोरोना ठेके के हिसाब से अपना काम सही तरीके से कर रहा हैं।



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